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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

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 यह दुनिया का सबसे बडा गैर सरकारी संगठन है, जिसका उळेश्य समाज निमार्ण से राष्ट्र निमार्ण है। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में नागपुर में आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवक आधारित संघ के रूप में की गई थी, जिसक लक्ष्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों को बढावा देना था। संघ का मुख्य उद्येश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र निमार्ण है। यह मातृभूमि के प्रति समर्पण, अनुशासन, संयम, साहस और विरता का संचार करता है। आरएसएस के स्वयंसेवकों ने बाढ, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास कार्यो मे सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके अलावा, आरएसएस के विभिन्न सहयोगी संगठनों ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने, जनभागिदारी को बढावा देने और स्थानिय सामुदायों को मजबूत बनाने मे योगदान दिया है।

लोकतंत्र

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लोकतंत्र शासन का एक ऐसा रूप है जिसमें शासकों का चुनाव लोग करते हैं। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के पास ही होनी चाहिए। लोकतंत्र निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों पर आधारित होना चाहिए ताकि सत्ता में बैठे लोगों के लिए जीत-हार के समान अवसर हों। लोकतंत्र में हर वयस्क नागरिक का एक वोट होना चाहिए और हर वोट का एक समान मूल्य होना चाहिए। लोकतंत्र ही क्यों? लोकतंत्र के खिलाफ तर्क - लोकतंत्र मे नेता बदलते रहते हैं। इससे अस्थिरता पैदा होती है। लोकतंत्र का मतलब राजनैतिक लडाई और सता का खेल है। यहाँ नैतिकता की कोई जगह नही होती। लोकतांत्रिक व्यवस्था इतने सारे लोगों से बहस और चर्चा करनी पडती है की हर फेसले मे देरी होती है। I चुने हुए नेताओं को लोगों के हितों का पता ही नही होता। इसके चलते खराब फेसले होतें है। लोकतंत्र मे चुनावी लडाई महत्वपूर्ण और खर्चीली होती है। इसलिए इसमे भष्ट्राचार होता है। सामान्य लोगो को पता ही नही होता की उनके लिए क्या चिज अच्छी है और क्या चिज बुरी : इसलिए उन्हें किसी चिज का फेसला नही करना चाहिए। लोकतंत्र के पक्ष मे तर्क -  लोकतांत्रिक ...

नरेन्द्र दामोदर दास मोदी

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नमस्कार दोस्तो, कैसे है आपलोग आशा करता हूँ सबकोई स्वस्थ और अच्छे होगे। दोस्तो, आज मैं बात करने वाला हूँ प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी के बारे में। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं। शुरुआती जीवन - दोस्तो, प्रधानमत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितबर 1950 को गुजरात के वाडनगर मे हुआ था। उनका पुरा नाम नरेन्द्र दामोदर दास मोदी है। उनके पिता का नाम दामोदर दास मूलचद मोदी एव माता का नाम हिरा बैन था। बचपन मे बालक नरेन्द्र को उनके माता-पिता ने बहुत लाड प्यार से पाला था। परिवार कि आर्थिक स्थिती सामान्य थी। उनके परिवार के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना बहुत मुश्किल था। उनके पिता नजदिकी रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे। नरेन्द्र मोदी भी अपने पिता की दुकान मे हाथ बटाया करते थे।  शिक्षा और राजनीति - अपनी प्रारभिक शिक्षा उन्होने वाडनगर के नजदिकी विळ्दयालय से प्राप्त की। तथा गुजरात विश्वविळालय से राजनितिक विज्ञान मे स्नातक की पढाया पुरी की। उन्होने मात्र 17 साल की उम्र मे घर छोड दिया और देश के विभिन्न स्थानो मे जाकर सामाजिक कार्यो मे भाग लिया। तकरिबन 2 साल के बाद वे घर लौटे। 1988 मे व...