भारतीय सिनेमा के जनक - दादा साहेब फाल्के

हेलो दोस्तों, आज मैं आपसे भारतीय सिनेमा के जनक दादा साहेब फाल्के के बारे में बात करने वाला हूँ। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते है।

दादा साहेब फाल्के का जन्म, महाराष्ट्र में नासिक के निकट त्र्यंबकेश्वर में 30 अप्रैल 1870 को हुआ था। उनका असल नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के था। "द लाइफ ऑफ काइस्ट" फिल्म देखने के बाद उन्हें फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली। ऐसे में उन्होंने 1912 में फाल्के फिल्म कंपनी की स्थापना की। उन्होंने 3 मई 1913 को बंबई के कोरोनेशन थियेटर में अपनी पहली मूक फिल्म राजा हरिशचन्द्र का प्रदर्शन किया। जिसके बाद से ही देश मे फिचर फिल्मों का चलन बढने लगा। उन्होंने 1917 में महाराष्ट्र के नासिक हिन्दुस्तान फिल्म कंपनी की नीव रखी। अपने करियर के दौरान इन्होंने लगभग 95 फिल्में और 26 लघु फिल्में बनाई। दादा साहेब फाल्के कि प्रसिद्ध फिल्में राजा हरिशचन्द्र, मोहिनी भस्मासुर, सत्यवान सावित्रि, लंका दहन, श्री कृष्ण जन्म, सेतु बंधन और गंगावतरण है। 1932 में बनी फिल्म सेतु बंधन उनकी आखिरी मूक फिल्म थी। जबकि उन्होंने एकमात्र बोलती फिल्म गंगावतरण 1937 का निर्माण किया। 16 फरवरी 1944 को उनका निधन हो गया। भारत सरकार ने 1969 में उनके सम्मान में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की स्थापना की, जो भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है।

तो दोस्तों, दादा साहेब फाल्के के विषय में दी गई ये जानकरी आपको कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताए।

0 टिप्पणियाँ

About