हेलो दोस्तों, आज मैं आपसे विश्व रक्तदान दिवस के बारे मैं बात करने वाला हूँ। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
14 जून को हर साल विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। क्योकि 14 जून को नोबल पुरस्कार विजेता कार्ल लैंडस्टीनर का जन्म हुआ था। यही वे साइनटिस्ट थे जिन्होंने ए. बी. और ओ. ब्लड ग्रुप की खोज की थी। इनके जन्मदिन पर ही विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। ब्लड ग्रुप का पता लगाये जाने से पहले तक ब्लड ट्रान्सफ्यूजन बिना ग्रुप की जानकारी के होता था। इस खोज के लिए लैंडस्टीनर को 1930 में नोबल पुरस्कार मिला।
विश्व रक्तदान दिवस 2026 की थीम है - मानवता की एक बूंद। रक्तदान करें। जिंदगियां बचाएं।
रक्तदान को महादान कहते हैं, क्योकि इसे कृत्रिम रूप से बनाया नही जा सकता। रक्त से लाल रक्त कनिकाएँ, प्लेटलेट्स, प्लाजमा और कयोपेसिपिटेट अलग का उपयोग किए जाते हैं। एक यूनिट ब्लड 3 लोगों की जिंदगी बचा सकता है। वयस्क शरिर में लगभग 5 लीटर खून होता है। रक्तदान के लिए लगभग 450 मिली लिटर खून निकाला जाता है। इतना रक्त शरीर 24 से 48 घंटो में फिर से बना लेता है।
रक्तदान के फायदे-
1. इससे दिल और लीवर की सेहत सुधरती है।
2. इससे वनज और कैलोरी में कमी होती है।
3. इससे कैंसर होने का खतरा कम होता है।
तो दोस्तों, विश्व रक्तदान दिवस के बारे में दी गई ये जानकरी आपको कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताए।
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