हेलो दोस्तों, कैसे हैं आपलोग? आशा करता हूँ सबकोई स्वस्थ और अच्छे होंगे। दोस्तों, आज मैं आपसे झलकारी बाई के बारे में बात करने वाला हूँ। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 को झांसी के भोजला गांव में हुआ था। वह बडी होकर एक सैनिक और रानी लक्ष्मीबाई की विश्वसनीय सलाहकार बन गई। वह लक्ष्मीबाई की महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति बन गई। उन्होंने प्रथम स्वाधिनता संग्राम में झांसी की रानी के साथ लडते हुए ब्रिटिश सेना के कई हमलों को विफल किया था। कहा जाता है की झलकारी बाई की कद-काठी और चेहरा रानी लक्ष्मीबाई से मिलता जुलता था। यही वजह है कि उन्होंने कई बार अंग्रजों को चकमा देने के लिए रानी का वेश धरा और युद्ध के मैदान में उतरीं। अपनी अंतिम समय में भी वह रानी के वेश में लडते हुए अंग्रजों के हाथों पकड़ी गई और लक्ष्मीबाई को किले से भागने का मौका मिल गया। वह 4 अप्रैल 1857 को वीरगति को प्राप्त हुई।
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